बिहार के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड के एक निजी स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्कूल की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में स्कूल की यूनिफॉर्म पहने एक नाबालिग छात्र बस धोते हुए दिख रहा है। इस घटना के बाद बच्चों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
प्रिंसिपल ने क्या कहा?
विद्यालय के प्रिंसिपल अनीश झा ने वीडियो के संबंध में बताया कि यह वीडियो स्कूल परिसर का ही है, लेकिन जो छात्र बस धोते दिख रहा है वह उनके स्कूल का विद्यार्थी नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल के बाहर बस सड़क किनारे खड़ी रहती है, जहां पंप भी लगा हुआ है और निर्माण कार्य भी चल रहा है। जिस क्षेत्र में लड़का बस धो रहा था, वह निर्माण क्षेत्र है।
वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल
वीडियो में दिख रहे छात्र की उम्र और बस धोने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। यह भी पता नहीं चल पाया है कि छात्र ने यह काम अपनी मर्जी से किया या किसी ने उसे ऐसा करने को कहा। इस मामले में बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और अधिकारों का ध्यान रखना आवश्यक है। वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण और जांच जरूरी होगी। फिलहाल, प्रिंसिपल ने छात्र के अपने विद्यालय का छात्र होने से इनकार किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कोई जांच करता है या नहीं।
पहले भी वायरल हुए ऐसे वीडियो
इससे पहले बिहार के भागलपुर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला शिक्षिका ने क्लास के दौरान दो बच्चों को अपनी स्कूटी पर लगा कीचड़ साफ़ कराते हुए दिखाया गया था। इस पर शिक्षा विभाग ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे।





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