भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। यह फैसला BCCI की रिव्यू मीटिंग के बाद लिया गया है। हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम ने कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं।
कप्तानी छोड़ने का फैसला
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 सितंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हर फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ दी। यह निर्णय गुवाहाटी में बीसीसीआई की महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के एक दिन बाद लिया गया। इस बैठक में टीम के कोच अमोल मजूमदार और उप-कप्तान स्मृति मंधाना भी मौजूद थीं। स्मृति मंधाना को कप्तानी का अगला विकल्प माना जा रहा है।
हरमनप्रीत की कप्तानी में मिली सफलता
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने हाल ही में एशिया कप और एशियन गेम्स में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा 2025 में घरेलू मैदान पर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब भी टीम ने जीता था।
हरमनप्रीत का संदेश और अनुभव
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि वह खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को जितना देना था, वह दे चुकी हैं। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी, फिर 2022 में वनडे टीम की कमान मिली, और 2023 में सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तान बनीं।
सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट
कप्तानी छोड़ने से पहले हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा, "आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह फैसला आसान नहीं था। इसमें बरसों की यादें, भावनाएं और त्याग शामिल हैं जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।" इस घोषणा के बाद उनके फैंस में उदासी देखने को मिली है।





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