कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच E-20 पेट्रोल विवाद
कर्नाटक सरकार ने राज्य में बिक रहे E-20 पेट्रोल के नमूनों की जांच कराई, जिसमें 31.2 प्रतिशत तक एथेनॉल मिला। यह मात्रा तय सीमा 20 प्रतिशत से अधिक है। इस खुलासे के बाद तेल मार्केटिंग कंपनियां और सरकार आमने-सामने आ गए हैं।
तेल कंपनियों का खंडन और जांच का प्रस्ताव
तेल कंपनियों ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सितंबर 2026 में 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 893 नमूनों की जांच की गई थी। इसमें कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल थे, जो 19-21 प्रतिशत एथेनॉल की सीमा के भीतर पाए गए। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कर्नाटक सरकार के साथ एक पारदर्शी जांच का प्रस्ताव रखा है।
कर्नाटक सरकार ने निजी लैब से कराई स्वतंत्र जांच
राज्य सरकार ने अक्टूबर 2026 में रिटेल आउटलेट्स से नमूने लेकर ISO-प्रमाणित निजी लैब में भेजे। वहाँ पांच में से चार नमूनों में 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल पाया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने बताया कि इंडियन ऑयल के आउटलेट्स पर 31.2 प्रतिशत और एचपीसीएल के आउटलेट्स पर 30.5 प्रतिशत तक एथेनॉल मिला।
विपक्ष और उपभोक्ता अधिकारों की चिंता
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उपभोक्ता महंगे पेट्रोल की कीमत चुकाते हैं, लेकिन उनके टैंक में अधिक एथेनॉल भरा जा रहा है। कर्नाटक मंत्री रिज़वान अरशद ने पूछा कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल में कितनी मात्रा में एथेनॉल मिलेगी, इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि वाहन 90 प्रतिशत तक ईंधन में 20 प्रतिशत एथेनॉल को झेलने लायक नहीं हैं।
तेल मंत्रालय की टेस्टिंग और जांच के सवाल
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सितंबर 2026 में रिफाइनरियों और डिपो स्थित लैब में अखिल भारतीय स्तर पर पेट्रोल की टेस्टिंग की थी। इसमें इथेनॉल की मात्रा को स्वीकार्य सीमा में बताया गया। लेकिन कर्नाटक सरकार ने रिटेल आउटलेट्स से पेट्रोल के नमूने लेकर जांच कराई, जहाँ अधिक मात्रा मिली। इस पर सवाल उठते हैं कि क्या आउटलेट्स पर मिलावट हो रही है या बुनियादी ढांचे की कमी की वजह से यह स्थिति बनी है।
सरकार ने तेल कंपनियों से मांगा स्पष्टीकरण
कर्नाटक के मंत्री रिज़वान अरशद ने केंद्र के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल की आपूर्ति पर स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्री ने 2018 में गडकरी के उस बयान को भी याद दिलाया जिसमें ई20 ईंधन आने के बाद पेट्रोल की कीमतें घटाने का वादा किया गया था।
ई100 वाहनों को मंजूरी, लेकिन ब्लेंडिंग बढ़ाने का कोई प्लान नहीं
26 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 'केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989' में बदलाव करते हुए ई100 यानी 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अनुमति दी। इसके अगले दिन पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
2030 तक E30 ब्लेंडिंग का लक्ष्य
ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेज़ रिसर्च के निदेशक डॉ. एच.एस. जाट ने अक्टूबर 2026 में बताया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक पेट्रोल में 30 प्रतिशत तक एथेनॉल ब्लेंडिंग (E30) हासिल करना है।
आगे की जांच और उपभोक्ताओं के लिए सवाल
अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि रिटेल स्तर पर पेट्रोल में एथेनॉल की अधिक मात्रा क्यों मिल रही है और तेल कंपनियां इसके बारे में जानकारी क्यों नहीं दे रही हैं। कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच इस मामले में विवाद जारी है और आगे की जांच की उम्मीद है।
स्रोत: navjivanindia.com





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