नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने 13,629 फीट की ऊंचाई पर लैंडिंग कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि वायुसेना के भारी सैन्य परिवहन विमान IL-76MD ने लद्दाख के न्योमा एयरफील्ड पर हासिल की है। यह पहली बार है जब इस विमान ने इतनी ऊंचाई पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की है।
न्योमा एयरफील्ड की रणनीतिक अहमियत
न्योमा एयरफील्ड पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट स्थित है और चीन सीमा के बेहद करीब है। यह एयरफील्ड भारत की सामरिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां विमान संचालन से सीमावर्ती इलाके में सैनिकों, सैन्य उपकरणों और रसद की तेजी से आवाजाही सुनिश्चित होगी। यहाँ का भौगोलिक स्थान और ऊंचाई इसे दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक बनाती है।
IL-76MD विमान की इस सफल लैंडिंग से न केवल विमान की क्षमता का पता चलता है, बल्कि चालक दल की दक्षता और पेशेवर कौशल भी उजागर होता है। इससे पहले भी भारतीय वायुसेना ने न्योमा एयरफील्ड पर विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों के संचालन से अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
न्योमा एयरफील्ड पर विमान संचालन का इतिहास
न्योमा एयरफील्ड पर विमान संचालन की शुरुआत सितंबर 2009 में हुई थी, जब भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान यहां उतरने वाला पहला फिक्स्ड विंग विमान बना था। इसके बाद 12 नवंबर 2025 को वायुसेना प्रमुख ने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से न्योमा पर लैंडिंग की। यह एयरफील्ड के विकास और परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई थी।
IL-76MD की हालिया सफल लैंडिंग इस क्षेत्र में वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता को और मजबूत करती है और सीमाओं पर तैनात बलों को बेहतर समर्थन प्रदान करेगी।
स्रोत: indiatv.in





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