यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश रूस की मानसिकता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इरादों को अमेरिका से बेहतर समझता है।
यूक्रेन की रूस के प्रति समझ
कीव में बुधवार को ब्रिटिश अखबार 'द सन' को दिए इंटरव्यू में वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन का रूस के साथ लंबा इतिहास उसे रूसी नेतृत्व की मानसिकता को समझने में मदद करता है। जेलेंस्की ने कहा, "मेरी पीढ़ी का जन्म सोवियत संघ में हुआ था, इसलिए मैं इस सोच को अच्छी तरह समझता हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि जब पुतिन झूठ बोलते हैं, तो उन्हें इसका तुरंत एहसास हो जाता है। जेलेंस्की ने दावा किया, "हम इतने सालों तक रूसियों के पड़ोसी रहे हैं। यही वजह है कि हम रूसियों को अमेरिका की तुलना में ज्यादा स्पष्ट रूप से समझते हैं।"
पुतिन की सोच और यूक्रेन की रणनीति
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि पुतिन की मानसिकता सोवियत दौर की सोच से प्रभावित है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूक्रेन दोनों चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म हो, लेकिन शांति के तरीकों पर मतभेद हैं। जेलेंस्की ने कहा, "रूस के साथ अमेरिका वैश्विक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बातचीत करता है, लेकिन यूक्रेन पुतिन के साथ-साथ रूसी सैनिकों और आम लोगों की मानसिकता को भी समझता है।"
उन्होंने यह भी कहा, "हमें पता है कि वे कब कुछ करने के लिए तैयार होते हैं और कब पुतिन के डर से ऐसा करते हैं। अगर वे यूक्रेनियों को मारने नहीं जाते, तो पुतिन अपने तरीके से उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।"
ट्रंप के साथ मतभेद और मेलानिया ट्रंप की घोषणा
जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि डोनाल्ड ट्रंप और वे युद्ध खत्म करना चाहते हैं, लेकिन रणनीति पर दोनों के बीच मतभेद हैं। उन्होंने बताया, "राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ मुद्दों पर हमारा समर्थन किया है, जबकि कुछ पर हमारे विचार अलग हैं।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्षविराम (सीजफायर) लागू होने की घोषणा की। मेलानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि संघर्षविराम 27 अक्टूबर 2026 को मॉस्को समय के अनुसार सुबह 4 बजे शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि यह तय समय से 2 दिन पहले लागू किया गया ताकि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों को मानवीय सहायता मिल सके।
मेलानिया ने कहा कि खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की से आगे तक सीजफायर का भौगोलिक दायरा बढ़ाया गया है ताकि सहायता काफिलों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल वालेरी वासिलीविच ने इस बात की पुष्टि की है।
स्रोत: indiatv.in





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