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गौतम गंभीर ने बताई भारतीय टीम के कोच के रूप में सबसे बड़ी चुनौतियां

गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में दबाव, चुनौतियां और कोचिंग के अनुभव साझा किए।

गौतम गंभीर ने बताई भारतीय टीम के कोच के रूप में सबसे बड़ी चुनौतियां

गौतम गंभीर ने कोचिंग के दौरान मानसिक थकान और दबाव पर खुलकर बात की

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि टीम इंडिया को कोच करना आसान काम नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि विभिन्न फॉर्मेट्स, परिस्थितियों और खिलाड़ियों के स्वभाव को संभालना उनके लिए मानसिक रूप से थकाने वाला रहा है।

गौतम गंभीर ने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों में उन्हें अलग-अलग दबावों का सामना करना पड़ा है, लेकिन वे इसे संभालने में सक्षम हैं और लंबे समय तक काम कर सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि कोच के पद पर काम करते हुए कभी-कभी उन्हें थकान महसूस होती है, क्योंकि वे भी एक इंसान हैं।

गौतम गंभीर ने बताई कोचिंग की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

गौतम गंभीर ने टीम के चयन और प्लेइंग XI में खिलाड़ियों को जगह न मिलने को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि एक कोच के लिए हमेशा लोकप्रिय फैसले लेना जरूरी नहीं होता, बल्कि टीम के हित में सही निर्णय लेना प्राथमिक होता है।

उन्होंने बताया कि हर खिलाड़ी को मौका देना संभव नहीं होता, इसलिए जिन्हें मौका नहीं मिलता, उन्हें फैसले की वजह समझाना जरूरी होता है। गंभीर ने कहा कि उनका काम ड्रेसिंग रूम को सुरक्षित बनाए रखना और अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना है।

कोचिंग में ईमानदारी और पारदर्शिता क्यों जरूरी है?

गौतम गंभीर ने कहा कि टीम से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों के साथ ईमानदार और पारदर्शी बातचीत करना कोच की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी होते हैं, लेकिन सभी को एक साथ टीम में शामिल नहीं किया जा सकता।

इसलिए, मुख्य कोच के रूप में उन्हें हर खिलाड़ी को स्पष्ट रूप से फैसले की वजह बतानी होती है। गंभीर ने कहा कि वे जब तक ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करेंगे, तब तक वे किसी भी सवाल का सामना निडर होकर कर सकते हैं।

उनके अनुसार, टीम की सफलता के लिए सही फैसले लेना, खिलाड़ियों को समर्थन देना और उनके साथ स्पष्ट व्यवहार करना सबसे महत्वपूर्ण है।

क्या गौतम गंभीर दबाव में टिक पाएंगे?

गौतम गंभीर ने खुद कहा कि वे दबाव झेलने की क्षमता रखते हैं और मुश्किल हालात में भी टिका रहना जानते हैं। हालांकि, वे भी कभी-कभी थकान महसूस करते हैं, पर वे इसे संभालने में सफल रहे हैं।

इससे यह स्पष्ट है कि भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में गंभीर ने आने वाली चुनौतियों से घबराने की बजाय उनका सामना करने का मन बनाया है।

स्रोत: hindi.asianetnews.com

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