नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' (विस्तार) योजना, अग्निवीरों के लिए नियमित भर्ती का नया रास्ता, 2,814 करोड़ की लिथियम-निकेल प्रोसेसिंग कैपेक्स स्कीम, 14,500 करोड़ की एनर्जी स्टोरेज योजना और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स को 2030-31 तक बढ़ाने का निर्णय शामिल है।
विस्तार योजना से डेटा प्रबंधन में सुधार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि विस्तार योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी। इसका मकसद संसाधनों का बेहतर और लचीला उपयोग करना है। इस योजना से बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण, नई शोध पद्धतियों का विकास, डिजिटल बदलाव और राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
खनिज प्रसंस्करण और ऊर्जा भंडारण के लिए योजनाएं
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सपोर्ट स्कीम को मंजूरी दी है, जो लिथियम और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देगी। इसका लाभ इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और विशेष स्टील क्षेत्रों को मिलेगा।
इसके साथ ही, 14,500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे 92 गीगावॉट-घंटे की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित होगी। यह कदम नवीकरणीय ऊर्जा को बिजली ग्रिड से जोड़ने और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
अग्निवीरों के लिए नियमित भर्ती का नया रास्ता
जयशंकर ने बताया कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए रक्षा सेवाओं में शामिल होने की नई व्यवस्था बनाई है। इसके तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सीधे नियमित नौकरी का अवसर मिलेगा। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि रखी जाएगी। इस दौरान इच्छुक और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करना है।
फास्ट ट्रैक अदालतों की योजना जारी
मंत्रिमंडल ने बलात्कार और पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स की केंद्र प्रायोजित योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि यह कदम यौन अपराधों के पीड़ितों को समय पर न्याय देने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, ये फैसले देश की आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे सरकारी सेवाओं और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
स्रोत: deshbandhu.co.in





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।