यूरोप में 3 नवंबर को सात यात्री विमानों को बम धमकी मिली, जिससे पोलैंड के एक एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा और इटली में लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया।
यूरोप में बम धमकियों से हड़कंप
यूरोप के विभिन्न देशों में अलग-अलग एयरलाइंस के सात यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिनमें से कुछ विमान उड़ान भर रहे थे और कुछ अपने गंतव्य पर पहुंच रहे थे। इन धमकियों के बाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तलाशी के दौरान किसी भी विमान में विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
कौन-कौन सी फ्लाइट्स थीं निशाने पर?
शुरुआत में चार विमानों को धमकी मिलने की खबर आई थी, जो जांच में बढ़कर सात हो गई। धमकी मिली फ्लाइट्स में रयानएयर, विज एयर, LOT और SAS जैसी एयरलाइंस शामिल थीं। ये विमान ब्रिटेन, आयरलैंड, डेनमार्क और पुर्तगाल से उड़ान भरकर पोलैंड, स्पेन, इटली और बुल्गारिया जा रहे थे। ब्रिटेन सरकार ने इन धमकियों को फर्जी बताया।
बम धमकी कैसे मिली?
3 नवंबर को ब्रिटेन के हीथ्रो से वारसा जा रहे LOT के विमान को वारसा के मुख्य एयरपोर्ट की जगह दूसरे एयरपोर्ट पर उतारा गया। इसी तरह डेनमार्क से वारसा जा रही SAS की फ्लाइट, मैनचेस्टर से स्पेन के मर्सिया जा रही रयानएयर विमान, तथा इटली और बुल्गारिया जाने वाली अन्य फ्लाइट्स को भी धमकी मिली। इन सभी विमानों और यात्रियों के सामान की कड़ी जांच की गई।
एयरपोर्ट बंद और फाइटर जेट की तैनाती
पोलैंड के वारसा-मोडलिन एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। LOT के विमान को इसी एयरपोर्ट पर उतार कर यात्रियों को बाहर निकाला गया और विमान की तलाशी ली गई, जिसमें कुछ नहीं मिला। इसके बाद एयरपोर्ट पुनः खुल गया। इटली में डबलिन से रोम जा रहे रयानएयर विमान को इटली की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा में लेकर एयरपोर्ट तक पहुंचाया। बुल्गारिया के सोफिया एयरपोर्ट पर भी विमानों की जांच की गई और स्पेन के मर्सिया एयरपोर्ट पर इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया।
क्या इन धमकियों के पीछे एक ही साजिश थी?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे कोई एक व्यक्ति या समूह था। एविएशन सुरक्षा विशेषज्ञ फिलिप बॉम के अनुसार, अक्सर इस तरह की धमकियां मजे के लिए या उड़ानों को देरी करने के उद्देश्य से दी जाती हैं। वे कहते हैं कि असली आतंकवादी ऐसे हमलों के लिए पहले से धमकी नहीं देते, बल्कि हमले के बाद जिम्मेदारी लेते हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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