गाजियाबाद में 30 अक्टूबर को जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार को एक्साइज नियमों के उल्लंघन के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई का आदेश आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री नितिन अग्रवाल ने दिया है। मामले में नाइट क्लब, बार और रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस के शराब की बिक्री सामने आई थी।
निलंबन का कारण और जांच
सरकारी आदेश के अनुसार, संजय कुमार के कार्यकाल में अपर जिलाधिकारी (नगर), नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर की संयुक्त टीम ने कई नाइट क्लबों, बार और रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि कई स्थानों पर बिना ओकेजनल बार लाइसेंस के अवैध शराब परोसी जा रही थी। इसके अलावा, दूसरे राज्यों की शराब उत्तर प्रदेश में अवैध तरीके से बेची जा रही थी। इन अनियमितताओं को आबकारी नियमों और विभागीय जिम्मेदारियों के उल्लंघन के रूप में देखा गया।
शासन के नियमों का उल्लंघन
शासन ने संजय कुमार को उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3 (1) और 3 (2) के उल्लंघन का दोषी माना है। इस आधार पर उन्हें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के नियम-4 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है।
जांच की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई
निलंबन अवधि में संजय कुमार को आबकारी आयुक्त कार्यालय, प्रयागराज से संबद्ध रखा जाएगा। वहीं, उप आबकारी आयुक्त, मेरठ को इस मामले की विभागीय जांच का प्रभार दिया गया है। जांच अधिकारी को नियमों के अनुसार पूरी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई से संबंधित आरोप-पत्र भी जारी किया जाएगा।
मंत्री नितिन अग्रवाल की चेतावनी
आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जनहित के कामों में शिथिलता और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्रोत: hindi.news18.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।