मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रायगढ़ जिले के कर्जत में प्रस्तावित पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना का विपक्ष के विरोध के बीच बचाव किया है। उन्होंने इसे पर्यावरण के अनुकूल और राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
परियोजना का महत्व और ऊर्जा सुरक्षा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सौर और पवन ऊर्जा स्वच्छ जरूर हैं, लेकिन वे 24 घंटे लगातार बिजली नहीं दे सकतीं। पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को संतुलित करने में मदद करती है और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करती है। उन्होंने इसे प्रदूषण रहित समाधान बताया जो राज्य के बिजली ग्रिड की स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है।
विपक्ष के विरोध और पर्यावरणीय चिंताएं
इस परियोजना को लेकर व्यापक वृक्ष कटाई की योजना के कारण राजनीतिक तनाव और पर्यावरणविदों में चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तकनीकी समझ के बिना इस हरित ऊर्जा पहल को राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 3,000 मेगावाट की यह परियोजना थर्मल पावर उत्पादन की जगह लेगी और इससे कोयले से होने वाला प्रदूषण कम होगा, जिसका पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण
वन विभाग के तहत 90,000 पेड़ लगाए जाएंगे, साथ ही कर्जत परियोजना स्थल पर 60,000 अतिरिक्त पेड़ लगेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ पेड़ों की कटाई होगी, लेकिन इसका पर्यावरणीय प्रभाव अस्थायी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित करके राज्य भविष्य में भारी पर्यावरणीय नुकसान को रोक रहा है।
परंपरागत ऊर्जा और प्रदूषण
फडणवीस ने बताया कि पारंपरिक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से इतनी ही ऊर्जा उत्पन्न करने पर भारी प्रदूषण होगा, जो 4 करोड़ वाहनों के उत्सर्जन के बराबर है। उन्होंने पंप स्टोरेज तकनीक के 80 वर्षों तक प्रभावी रहने का भी उल्लेख किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जबकि पारंपरिक बैटरियों का जीवनकाल केवल 25 वर्ष होता है।
पंप स्टोरेज तकनीक की विशेषताएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि सौर और पवन ऊर्जा अकेले अपर्याप्त हैं क्योंकि वे 24/7 उपलब्ध नहीं होतीं और इससे बिजली ग्रिड अस्थिर हो जाता है। पंप स्टोरेज एक आवश्यक हरित ग्रिड-सहायक तंत्र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का परिचालन जीवनकाल लगभग 80 वर्ष है, जो स्वच्छ ऊर्जा की निरंतरता के लिए जरूरी है।
परियोजना का चयन और विपक्ष की प्रतिक्रिया
फडणवीस ने विपक्ष के दावों का खंडन करते हुए कहा कि कर्जत का चयन कठोर व्यवहार्यता मूल्यांकन के बाद किया गया है। उन्होंने चीन के 60,000 मेगावाट से अधिक की पंप स्टोरेज अवसंरचना का उदाहरण दिया। विपक्ष के रुख की तुलना आरे कार शेड परियोजना से की और कहा कि राज्य सरकार वास्तविक चिंताओं को सुनने को तैयार है, लेकिन स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को लेकर की जा रही राजनीति निराधार है।
परियोजना स्थल और पर्यावरण अनुकूलता
परियोजना को मराठवाड़ा या विदर्भ जैसे क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की आलोचना पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंप स्टोरेज अवसंरचना के लिए विशिष्ट भौगोलिक और स्थलाकृति की जरूरत होती है, जिससे कर्जत आदर्श स्थान है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है, भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य से बाहर स्थित है और महाराष्ट्र के सतत ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण है।





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