पीएम मोदी ने जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं
बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को दिवाली की बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद पर मिली जीत के बाद यह पहली दिवाली है। उन्होंने जवानों के शौर्य की तारीफ की और कहा कि जब आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है तो बाहरी दुश्मन कुछ नहीं कर पाता। वहीं, आंतरिक सुरक्षा कमजोर होने पर बाहरी दुश्मन हावी हो जाता है।
नक्सलवाद के खिलाफ जवानों के संघर्ष का जिक्र
पीएम मोदी ने बताया कि पहले नक्सलियों से ज्यादा हमारे वीर जवान शहीद होते थे, और नक्सली इसका जश्न मनाते थे। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से तब की सरकारों ने नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी मानकर छोड़ दिया था। इसे स्वीकार कर लिया गया था कि यह ऐसे ही चलता रहेगा।"
देश के दुश्मनों के लिए 'ऐसे ही चलता रहेगा' वाला रवैया गलत
मोदी ने कहा कि कोई देश अपने दुश्मनों के लिए 'ऐसे ही चलता रहेगा' की सोच नहीं रखता। देश को आगे बढ़ाने के लिए दुश्मनों को बुलंद हौसलों के साथ कुचलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि 2014 में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी दूर हुई और तब से हालात बदलने लगे। उन्होंने बताया कि पिछले 47 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि एक साल में सीआरपीएफ का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। यह जवानों की शौर्य, साहस और संयम की जीत है।
सुरक्षा बलों को हर निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई
पीएम मोदी ने कहा, "पहले की सरकारें सुरक्षा बलों के हाथ बांधती थीं, लेकिन हमने हर फैसला लेने की आजादी दी। वामपंथी उग्रवाद को मिलने वाला समर्थन हमने रोकने का काम किया। हमारा लक्ष्य था कि किसी मां की गोद सूनी न हो और किसी युवा का भविष्य बर्बाद न हो।" उन्होंने कहा कि जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तब तक वे लगातार लगे रहे।
माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ी गई
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "कोई प्रचार-प्रसार नहीं, कोई दिखावा नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ दी गई।" उन्होंने जवानों के बलिदान को नमन किया और उनकी मेहनत से देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर खुशी जताई।
स्रोत: indiatv.in





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