कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया नहीं जाता और देश की चुनाव प्रणाली निष्पक्ष एवं पारदर्शी नहीं बनती। इसके तहत पार्टी पंचायत स्तर पर देशव्यापी "वोट बचाओ, देश बचाओ" अभियान भी चलाएगी।
कांग्रेस आंदोलन क्यों जारी रखेगी?
वेणुगोपाल ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनमें दिवाली के दौरान कुछ समय के लिए विराम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, "यह ऐसी लड़ाई नहीं है, जिसे हम बीच में छोड़ देंगे।" उनका कहना था कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण गरीब लोग मतदान के अधिकार और सरकारी योजनाओं के लाभ दोनों से वंचित हो जाएंगे।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान क्या होगा?
कांग्रेस अगले डेढ़ महीने में पंचायत स्तर पर इस अभियान को चलाएगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पार्टी एक "वोट रक्षक" नियुक्त करेगी, जो मतदाता सूची की जांच करेगा, जिनके नाम हटाए गए हैं उनकी पहचान करेगा और घर जाकर नाम दोबारा दर्ज करने में मदद करेगा।
संसद में मुद्दा उठाने की तैयारी
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की विभिन्न इकाइयां राज्यों और जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं और अन्य राजनीतिक दलों के साथ मिलकर संयुक्त कार्यक्रम करने की योजना भी है। उन्होंने बताया कि संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। वेणुगोपाल ने पिछले सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करीब दो सप्ताह तक सदन में प्रवेश नहीं कर पाए थे।
केरल सरकार की स्थिति पर वेणुगोपाल का बयान
केरल सरकार के कामकाज के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में सक्षम प्रशासन है और सरकार अपने खिलाफ उठाए गए मुद्दों का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने केरल के आबकारी मंत्री एम. लिजू के शराब बार मालिकों से संबंध के आरोपों पर कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विभिन्न लोगों को जानते हैं। पूर्व आबकारी आयुक्त एस. संबाशिव राव द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप उस समय उठाने चाहिए थे जब वह पद पर थे। वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार शिकायत की जांच और जरूरी कदम उठाने पर सहमत हो गई है।
कांग्रेस के इस आंदोलन का मकसद मतदाता अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, जिसे वेणुगोपाल ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्रोत: navjivanindia.com





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