भारत में धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोने की खरीदारी पर हॉलमार्किंग शुल्क से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 14 सितंबर 2026 से सोने की हर वस्तु पर 75 रुपए (GST को छोड़कर) का हॉलमार्किंग शुल्क लागू कर दिया है। हालांकि कुछ खास सोने के गहनों और वस्तुओं पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।
हॉलमार्किंग शुल्क से छूट पाने वाले सोने के गहने
BIS ने उन सोने की वस्तुओं की सूची जारी की है, जिन पर हॉलमार्किंग शुल्क नहीं लगेगा। इनमें 2 ग्राम से कम वजन वाले सोने के गहने और कुंदन, पोलकी या जड़ाऊ आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा, निर्यात के लिए बनाई गई वस्तुएं जो विदेशी खरीदार की जरूरतों के अनुसार हों, भी छूट में आती हैं।
चिकित्सा, दंत चिकित्सा, पशु चिकित्सा, वैज्ञानिक या औद्योगिक उपयोग में आने वाले सोने के सामान, सोने के धागे से बने सामान, पूरी तरह से तैयार न हुए और आगे प्रोसेसिंग के लिए रखे गए गहने भी हॉलमार्किंग शुल्क से मुक्त हैं। सोने की ईंटें, बार, प्लेट, शीट, फॉयल, रॉड, तार, पट्टी, ट्यूब या सिक्के के रूप में भी शुल्क नहीं लगेगा।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय और देश के भीतर होने वाली बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) प्रदर्शनियों के लिए ले जाए जाने वाले गहने, साथ ही सोने की घड़ियां और फाउंटेन पेन भी हॉलमार्किंग फीस से मुक्त हैं।
डिटैचेबल गहनों पर हॉलमार्किंग नियम
BIS ने बताया है कि जिन गहनों में दो या अधिक पार्ट होते हैं जिन्हें जोड़ा या अलग किया जा सकता है, उन सभी हिस्सों पर अलग-अलग हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) अंकित होना जरूरी है। इसका मतलब है कि खरीदारों को यह ध्यान रखना होगा कि गहने के हर अलग हिस्से पर हॉलमार्क हो।
डिटैचेबल हिस्से वे होते हैं जिन्हें आसानी से निकाला या बदला जा सकता है। इससे शुद्धता और गुणवत्ता में गड़बड़ी से बचा जा सकता है। ग्राहकों को गहने खरीदते समय हॉलमार्किंग और शुद्धता की जानकारी अच्छी तरह देखनी चाहिए।
2 ग्राम से कम वजन वाले डिटैचेबल गहनों पर नियम
धनतेरस पर सोने की बालियों की जोड़ी खरीदने के उदाहरण से समझें तो, अगर बालियों का कुल वजन 2 ग्राम से अधिक है तो उन पर हॉलमार्क लगेगा। लेकिन बालियों के पेंच का वजन 2 ग्राम से कम होने पर उस पर हॉलमार्क नहीं लगेगा। BIS के अनुसार, केवल 2 ग्राम या उससे अधिक वजन वाले हिस्सों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है।
हॉलमार्किंग शुल्क में वृद्धि और बिल में शामिल होना
सितंबर 2026 से हॉलमार्किंग शुल्क 45 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है, जो करीब 67 फीसदी की बढ़ोतरी है। इसके अलावा प्रति खेप (कंसाइनमेंट) कम से कम 200 रुपए का शुल्क भी लागू होगा।
जौहरी इस शुल्क को ग्राहक के अंतिम बिल में जोड़ते हैं। आमतौर पर गहनों की कीमत इस फॉर्मूले से तय होती है:
कुल कीमत = [(शुद्ध वजन × उस दिन का भाव × शुद्धता) + मेकिंग चार्ज + वेस्टेज] × 1.03 + हॉलमार्किंग शुल्क
सोने पर लगा हॉलमार्क पूरे गहनों के जीवनकाल के लिए मान्य रहेगा।
स्रोत: tv9hindi.com





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