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धनतेरस 2026: साबुत धनिये की पूजा और परंपरा का धार्मिक महत्व

धनतेरस 2026 पर साबुत धनिये की खरीदारी और पूजा से घर में समृद्धि और खुशहाली आने की धार्मिक मान्यता है।

धनतेरस 2026: साबुत धनिये की पूजा और परंपरा का धार्मिक महत्व

धनतेरस 2026 का त्योहार 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा, जिसमें लोग भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करते हैं। इस दिन सोने-चांदी, बर्तन और नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही, साबुत धनिया खरीदने की भी खास परंपरा है, जिसे दिवाली तक संभालकर रखने की रिवाज है।

धनिये का धनतेरस से जुड़ाव

धनिया को धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है क्योंकि इसमें ‘धन’ शब्द जुड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

धनतेरस की शाम को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा की जाती है, जिसमें साबुत धनिया भी पूजा सामग्री में शामिल होता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती।

धनिया का प्रतीकात्मक महत्व

धनिया का बीज मिट्टी में बोने पर हरा-भरा पौधा बनता है, जिसे जीवन में विकास, तरक्की और समृद्धि का संकेत माना जाता है। इसलिए धनतेरस पर धनिया खरीदना घर-परिवार में खुशहाली और उन्नति का प्रतीक होता है।

इसके अलावा, कई जगहों पर साबुत धनिया और गुड़ मिलाकर प्रसाद तैयार किया जाता है। इसे भगवान को अर्पित करने के बाद परिवार और अन्य लोगों में बांटा जाता है, जो जीवन में मिठास, प्रेम और खुशहाली बनाए रखने का प्रतीक है।

धनतेरस पर खरीदे गए धनिये का उपयोग

धनतेरस की पूजा के बाद साबुत धनिये को लाल कपड़े में बांधकर या किसी साफ डिब्बी में रखकर तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखा जाता है। मान्यता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। कई परिवार दिवाली की रात इसे तिजोरी में रखने की परंपरा निभाते हैं।

दिवाली के बाद धनिये के कुछ बीज गोवर्धन पूजा या किसी शुभ दिन मिट्टी में बोए जाते हैं। हरा-भरा पौधा बनना घर में तरक्की और खुशहाली का शुभ संकेत होता है।

पूजा के लिए रखे गए धनिये के अलावा बाकी साबुत धनिये को मसाले के रूप में रसोई में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे यह धार्मिक परंपरा के साथ रोजमर्रा के काम भी आती है।

धनिया लाने से जुड़ी मान्यताएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदकर पूजा में शामिल करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसे आर्थिक तंगी दूर करने, कर्ज से मुक्ति और धन में वृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है।

Disclaimer: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है।

स्रोत: tv9hindi.com

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संपादकीय टीम · Bharat Vistaar

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