नई दिल्ली, 6 नवंबर। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पौड़ी गढ़वाल जिले में इस बार भी भाजपा, कांग्रेस और अन्य दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। 2022 के चुनाव में इस जिले की छह विधानसभा सीटें यमकेश्वर, पौड़ी (आरक्षित), श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी।
यमकेश्वर सीट पर भाजपा का लगातार कब्जा
यमकेश्वर विधानसभा सीट पर 2002 से लगातार भाजपा का कब्जा है। 2022 में भाजपा की रेणु बिष्ट ने कांग्रेस के शैलेन्द्र सिंह रावत को 10,410 वोटों से हराया था। इस चुनाव में रेणु बिष्ट को 28,390, शैलेन्द्र सिंह रावत को 17,980 और उत्तराखंड क्रांति दल के शांति प्रसाद भट्ट को 613 वोट मिले थे। यहां मतदान प्रतिशत 52.99 था।
पौड़ी विधानसभा सीट पर राजकुमारी पोरी की दूसरी बार जीत
पौड़ी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जहां भाजपा की राजकुमारी पोरी लगातार दूसरी बार विधायक बनीं। 2022 चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के नवल किशोर को 5,738 वोटों से हराया था। राजकुमारी पोरी को 25,865, नवल किशोर को 20,127 और आप के मनोहर लाल को 736 वोट मिले। इस क्षेत्र में 51.44 फीसदी मतदान हुआ था।
श्रीनगर में धन सिंह रावत की मामूली जीत
श्रीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा के धन सिंह रावत दूसरी बार विधायक बने। 2022 में उन्होंने कांग्रेस के गणेश गोदियाल को केवल 587 वोटों से हराया था। धन सिंह रावत को 29,618, गणेश गोदियाल को 29,031, उत्तराखंड क्रांति दल के मोहन काला को 4,271 और आप के गजेंद्र सिंह चौहान को 700 वोट मिले। यहां मतदान 59.40 फीसदी था।
चौबट्टाखाल में सतपाल महाराज की लगातार तीसरी जीत
चौबट्टाखाल विधानसभा सीट पर तीन चुनावों से भाजपा का दबदबा है। 2022 में भाजपा के सतपाल महाराज ने कांग्रेस के केशर सिंह को 11,430 वोटों से हराया था। सतपाल महाराज को 24,927, केशर सिंह को 13,497 और आप के दिगमोहन नेगी को 1,908 वोट मिले। इस सीट पर 44.86 फीसदी मतदान हुआ।
लैंसडाउन विधानसभा सीट पर दिलीप सिंह रावत की लगातार जीत
लैंसडाउन में भाजपा के दिलीप सिंह रावत लगातार जीतते आ रहे हैं। 2022 में उन्होंने कांग्रेस की अनुकृति गुसैन को 9,868 वोटों से हराया था। दिलीप सिंह रावत को 24,504, अनुकृति गुसैन को 14,636 और उत्तराखंड क्रांति दल के आनंद प्रकाश को 843 वोट मिले। यहां मतदान प्रतिशत 47.38 था।
कोटद्वार सीट पर भाजपा का दो बार कब्जा
कोटद्वार विधानसभा सीट पर दो बार भाजपा का कब्जा रहा है। 2017 में डॉ. हरक सिंह रावत और 2022 में रितु खंडूरी भूषण भाजपा से विधायक चुनी गईं। 2022 में रितु खंडूरी भूषण को 32,103, कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह नेगी को 28,416 और निर्दलीय धीरेंद्र सिंह चौहान को 12,484 वोट मिले। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 65.46 फीसदी मतदान हुआ था।
आगे की चुनौतियां और तैयारी
पौड़ी गढ़वाल में भाजपा ने 2022 के चुनाव में सभी छह सीटें जीतकर मजबूत स्थिति बनाई है। अब 2027 के चुनावों में कांग्रेस और अन्य दल इस क्षेत्र में वापसी की कोशिश करेंगे। विधानसभा चुनावों में मतदाताओं का रुझान, उम्मीदवारों की छवि और स्थानीय मुद्दे निर्णायक साबित होंगे। राजनीतिक दल जनसंपर्क अभियान और मतदाताओं से जुड़ने में लगातार जुटे हुए हैं।
स्रोत: kharinews.com





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