शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी कृपा मिलती है। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने वाली है।
इस रात खुले आसमान के नीचे मिट्टी के पात्र में खीर रखने की परंपरा है। कई जगह इसी अवसर पर टेसू-झेंझी के विवाह की अनोखी लोक परंपरा भी निभाई जाती है।





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