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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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शरद पूर्णिमा 2026: मिट्टी के पात्र में खीर रखने का महत्व और टेसू-झेंझी विवाह की परंपरा

इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने से लोगों में तिथि को लेकर चर्चा रही।

शरद पूर्णिमा 2026: मिट्टी के पात्र में खीर रखने का महत्व और टेसू-झेंझी विवाह की परंपरा
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो: David Zhang / Wikimedia Commons (CC BY-SA 2.0)

शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की भी कृपा मिलती है। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने वाली है।

इस रात खुले आसमान के नीचे मिट्टी के पात्र में खीर रखने की परंपरा है। कई जगह इसी अवसर पर टेसू-झेंझी के विवाह की अनोखी लोक परंपरा भी निभाई जाती है।

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संपादकीय टीम · Bharat Vistaar

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