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शरद पूर्णिमा 2026: मिट्टी के पात्र में खीर रखने का महत्व और टेसू-झेंझी विवाह की परंपरा
इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने से लोगों में तिथि को लेकर चर्चा रही।
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इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने से लोगों में तिथि को लेकर चर्चा रही।
इस दिन रात्रि जागरण और खीर का भोग लगाने की परंपरा है।
मान्यता है कि आश्विन मास की इस रात चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है।