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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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कोजागरी पूर्णिमा का महत्व: अमृतमयी चांदनी, आरोग्य और समृद्धि का पर्व

मान्यता है कि आश्विन मास की इस रात चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है।

कोजागरी पूर्णिमा का महत्व: अमृतमयी चांदनी, आरोग्य और समृद्धि का पर्व
प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो: W.carter / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

आश्विन मास की शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणें पृथ्वी पर शीतलता, आरोग्य और शांति का अमृत बरसाती हैं।

इसी कारण इसे अमृतमयी चांदनी की रात कहा जाता है और इसे आरोग्य तथा धन-ऐश्वर्य से जोड़कर देखा जाता है। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।

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