इंदौर में रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिला छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी को लेकर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस समस्या का जवाब मांगा। उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक छात्रा की बात का जिक्र किया, जिसने पूछा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसे हैं, लेकिन हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?
मुख्य बातें
- राहुल गांधी ने महिला छात्रों के हॉस्टल न होने की समस्या को उजागर किया।
- एक छात्रा ने इंदौर में उनसे सवाल किया कि हॉस्टल के लिए पैसे क्यों नहीं हैं जबकि दीयों के लिए हैं।
- गांधी ने कहा कि कई छात्राएँ हॉस्टल की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ देती हैं।
- कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को निशाना बनाया।
- इंदौर में ‘सिस्टम बनाम छात्र’ विषय पर राहुल गांधी ने युवाओं से बातचीत की।
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने बताया कि कई छात्राओं के पास हॉस्टल नहीं है, इसलिए उन्हें महंगे PG में रहना पड़ता है। किराए और सुरक्षित रहने की चिंता के बीच पढ़ाई कर पाना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि इस वजह से कई छात्राएँ अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। गांधी ने मोदी सरकार से पूछा कि आखिर हॉस्टल के लिए पैसा क्यों नहीं है जबकि दीयों को जलाने के लिए है।
कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार के पास PR इवेंट्स, डिज़ाइनर कपड़े, लग्ज़री कारें, हवाई जहाज़ और स्किनकेयर के लिए पैसे हैं, लेकिन युवाओं की शिक्षा के लिए नहीं।
शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस की आलोचना
राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छे शिक्षक, ट्रेनिंग, हॉस्टल और नौकरी की कमी से छात्र परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सिस्टम देश में एक सड़ा-गला सिस्टम बन चुका है, जो छात्रों को सवाल पूछने नहीं देता और नफरत फैलाने वालों को बढ़ावा देता है।
यह बातें उन्होंने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ के पांचवें संस्करण में कहीं, जहां उन्होंने युवाओं से जुड़कर शिक्षा, भर्ती और रोजगार के मुद्दों पर चर्चा की।
सिस्टम और छात्रों के बीच टकराव
राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम छात्रों से डरता है क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं और जिज्ञासु होते हैं। इसके विपरीत सिस्टम को ऐसे लोग चाहिए जो अंधभक्त हों और नफरत फैलाएं। उन्होंने बताया कि छात्र संस्थानों के कामकाज, भर्ती, परीक्षाओं और अवसरों के बारे में जवाब मांगते हैं, जो सिस्टम के लिए चुनौती है।
इंदौर बीजेपी का गढ़ माना जाता है, जहां उन्होंने 'सिस्टम बनाम छात्र' विषय पर युवाओं के साथ बातचीत की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सवाल पूछने वाले होते हैं और यह सिस्टम के लिए खतरा है।
आगे की प्रक्रिया
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद UGC रोलबैक महापंचायत टल गई है और तीन हफ्ते बाद फिर बैठक होगी।
स्रोत: livetimes.news





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