दिल्ली पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह मामला 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान सामने आया था, जिसमें प्रशांत भूषण के अकाउंट से भारत की आलोचना करते हुए एक वीडियो साझा होने का दावा किया गया था।
- प्रशांत भूषण के खिलाफ FIR नंबर 263/26 दर्ज की गई।
- वीडियो में लावरोव को भारत की आलोचना करते दिखाया गया था।
- भारतीय विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास ने वीडियो को फर्जी और AI-जनरेटेड बताया।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामला दर्ज किया है।
- प्रशांत भूषण ने वीडियो के साथ भारत विरोधी टिप्पणी भी की थी।
फर्जी वीडियो को लेकर FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रशांत भूषण के खिलाफ 3 नवंबर को FIR दर्ज की, जिसमें उन पर वीडियो के जरिए "भ्रामक, मानहानिकारक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सार्वजनिक उपद्रव तथा अफवाहें फैलाने" का आरोप है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया हैंडल @thequotesnews ने दावा किया कि प्रशांत भूषण के @pbhushan1 अकाउंट से रूस के विदेश मंत्री का कथित डॉटर वीडियो शेयर किया गया था।
"दिनांक 03.11.2026 को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान संज्ञान में आया कि सोशल मीडिया हैंडल @thequotesnews द्वारा प्रशांत भूषण के हैंडल @pbhushan1 से रूस के विदेश मंत्री का भारत विरोधी कथित Doctored वीडियो साझा किए जाने का दावा किया गया है। उक्त वीडियो के माध्यम से भ्रामक, मानहानिकारक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर सार्वजनिक उपद्रव तथा अफवाहें फैलाने का आरोप है। इस संबंध में FIR No. 263/26 तहत धारा 336(4)/353(1)(c)/356/340(2) BNS एवं 66C IT Act में अभियोग PS Special Cell में पंजीकृत कर दिया गया है।" — Delhi Police (@DelhiPolice) November 4, 2026
प्रशांत भूषण ने वीडियो के साथ क्या लिखा?
प्रशांत भूषण ने अपने "एक्स" अकाउंट पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का एक क्लिप साझा किया था। उन्होंने कैप्शन में लिखा था कि यह वीडियो भारत को एक "जोरदार तमाचा" है और पूछा था कि "जयशंकर रूस को आखिर कैसी सलाह दे रहे थे?" वीडियो में लावरोव को भारत के आंतरिक मामलों और रूस से तेल खरीद को लेकर आलोचना करते दिखाया गया था।
वीडियो की सत्यता पर सवाल
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और रूसी दूतावास ने इस वीडियो का फैक्ट-चेक किया था और इसे फर्जी और AI-जनरेटेड बताया था। इससे स्पष्ट है कि यह वीडियो वास्तविक नहीं है और इसे भारत विरोधी संदेश फैलाने के लिए तैयार किया गया था।
इस मामले में अभी जांच जारी है और पुलिस ने प्रशांत भूषण के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ IT एक्ट की भी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
स्रोत: tv9hindi.com





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