31 अक्टूबर को फ्रांस के पेरिस में महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मोलोटोव कॉकटेल से हमला किया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी आग की चपेट में आ गया, जिसके बाद वहां हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पेरिस में प्रदर्शन और हिंसक झड़पें
फ्रांस में महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती को लेकर 31 अक्टूबर को लगातार तीसरे सप्ताह हजारों लोग सड़कों पर उतरे। lemonde की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में करीब 3.20 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, लेकिन पेरिस में कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, बोतलें और मोलोटोव कॉकटेल फेंककर हिंसक झड़पें कीं।
मोलोटोव कॉकटेल क्या होता है?
मोलोटोव कॉकटेल एक देसी आग लगाने वाला हथियार होता है, जिसे पेट्रोल बम भी कहा जाता है। यह आमतौर पर कांच की बोतल में तैयार किया जाता है, जिसमें पेट्रोल या अन्य ज्वलनशील पदार्थ होते हैं। इसे फेंकने पर आग फैलती है और यह आसपास के लोगों, वाहनों या इमारतों को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसका नाम सोवियत संघ के तत्कालीन विदेश मंत्री व्याचेस्लाव मोलोटोव के नाम पर पड़ा है। 1939-40 के सोवियत-फिनलैंड युद्ध के दौरान फिनलैंड के लोगों ने सोवियत हमलों के जवाब में इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था और व्यंग्य के तौर पर इसे मोलोटोव कॉकटेल कहा। यह नाम बाद में पूरी दुनिया में प्रचलित हो गया।
विरोध प्रदर्शनों में मोलोटोव कॉकटेल का उपयोग क्यों होता है?
मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल अक्सर तब होता है जब प्रदर्शन हिंसक हो जाते हैं और प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों या सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाते हैं। यह हथियार कम संसाधनों से बनाया जा सकता है और इससे बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
पेरिस की घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई?
पेरिस में पुलिसकर्मी के आग की चपेट में आने के बाद फ्रांस में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। जांच अभी चल रही है और संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
प्रश्न और उत्तर
- मोलोटोव कॉकटेल किसे कहते हैं?
यह एक कांच की बोतल में भरा पेट्रोल बम होता है, जो आग फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। - पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने मोलोटोव कॉकटेल क्यों फेंका?
महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए।
मुख्य तथ्य
- 31 अक्टूबर को पेरिस में महंगाई विरोधी प्रदर्शन हुए।
- करीब 3.20 लाख लोग फ्रांस भर में प्रदर्शन में शामिल हुए।
- मोलोटोव कॉकटेल से पुलिसकर्मी घायल हुआ।
- हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
स्रोत: tv9hindi.com





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