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गाम्बिया में टीचर्स की सैलरी और बच्चों की फीस का सच

गाम्बिया में प्राइवेट टीचर्स को 200 डॉलर और सरकारी टीचर्स को 100 डॉलर से भी कम सैलरी मिलती है। बच्चे इंग्लिश में अच्छे हैं।

गाम्बिया में टीचर्स की सैलरी और बच्चों की फीस का सच

गाम्बिया के स्कूलों में टीचर्स की सैलरी कितनी है?

अफ्रीका के गाम्बिया देश में टीचर्स की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी टीचर्स को लगभग 200 डॉलर प्रति माह मिलते हैं, जो भारतीय रुपये में 16,000 से 17,000 के आसपास है। वहीं, सरकारी स्कूलों के टीचर्स की सैलरी 100 डॉलर से भी कम होती है, यानी लगभग 8,000 रुपये या उससे कम।

इतनी कम सैलरी में परिवार चलाना मुश्किल होता है, इसलिए कई टीचर्स स्कूल के बाद प्राइवेट ट्यूशन देकर अपनी आमदनी बढ़ाते हैं।

गाम्बिया के बच्चों की पढ़ाई और फीस कैसी है?

गाम्बिया में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद बच्चों में पढ़ाई की लगन बहुत अच्छी है। बच्चे साफ और फर्राटेदार इंग्लिश बोलते और लिखते हैं क्योंकि स्कूलों में अंग्रेजी भाषा पढ़ाई का मुख्य माध्यम है।

सरकारी स्कूलों में बैठने के लिए उचित बेंच, डेस्क या अच्छी इमारतें नहीं हैं। इसके बावजूद बच्चे जमीन पर बैठकर पूरी मेहनत से पढ़ाई करते हैं, जो देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं।

गाम्बिया का एजुकेशन सिस्टम और टीचर्स की चुनौतियां

एक भारतीय तेलुगु ट्रैवलर ने गाम्बिया का दौरा किया और वहां के एजुकेशन सिस्टम और टीचर्स की असली स्थिति को सामने रखा। उन्होंने बताया कि गरीबी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में गहरी रुचि है।

सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है, और टीचर्स को मिलने वाली सैलरी इतनी कम है कि वे मजबूर होकर अतिरिक्त काम करते हैं। इसके बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं दिखती।

स्रोत: hindi.asianetnews.com

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