दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IPU) ने उन पूर्व छात्रों को एक बार फिर मौका दिया है, जिन्होंने ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला लिया था लेकिन किसी कारणवश अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए। IPU ने अधूरी डिग्री पूरी करने के लिए मर्सी चांस के तहत परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया है। यह सुविधा यूनिवर्सिटी के ऑर्डिनेंस 10, 11 और 25 के तहत दी गई है।
कौन कर सकता है आवेदन?
IPU के अनुसार, यह मौका उन स्टूडेंट्स को मिलेगा जिनकी कोर्स की निर्धारित अवधि पूरी नहीं हुई है और जिनके सभी अधिकतम परीक्षा अवसर भी समाप्त हो चुके हैं। खास बात यह है कि यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए है जिनके जून 2026 तक सभी निर्धारित परीक्षा अवसर खत्म हो चुके हैं। इसमें विषम और सम दोनों सेमेस्टर की परीक्षाएं शामिल हैं।
IPU ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के पास अभी भी नियमित परीक्षा अवसर उपलब्ध हैं, वे इस मर्सी चांस का लाभ नहीं उठा सकते। लाभ लेने के लिए स्टूडेंट्स को आवेदन करना आवश्यक होगा।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि क्या है?
IPU ने अधूरी डिग्री पूरी करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक स्टूडेंट्स 6 नवंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय स्टूडेंट्स को उन विषयों की सूची भी जमा करनी होगी, जिनमें वे परीक्षा देना चाहते हैं।
यह भी जरूरी है कि आवेदन पत्र पर संबंधित डीन, डायरेक्टर या प्रिंसिपल के हस्ताक्षर मौजूद हों। IPU ने यह भी बताया है कि अतिरिक्त अंतिम अवसर की परीक्षाएं केवल ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी।
फीस और परीक्षा शेड्यूल क्या रहेगा?
IPU के नियमों के अनुसार, मर्सी चांस के तहत परीक्षा देने वाले छात्रों को कुल 25,000 रुपये की फीस जमा करनी होगी, जो पढ़ाई जारी रखने की है। इसके अलावा, प्रत्येक विषय के लिए पुनः परीक्षा में बैठने की फीस 1,200 रुपये अलग से देनी होगी।
परीक्षा की समयावधि के बारे में बताया गया है कि विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच होंगी, जबकि सम सेमेस्टर की परीक्षाएं मई से जून 2027 के बीच आयोजित की जाएंगी।
स्रोत: tv9hindi.com





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