गुरुग्राम के नारायणा हॉस्पिटल के डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर एम. के सिंह ने बताया कि मानसून के खत्म होने के बाद भी डेंगू का खतरा बरकरार रहता है। बारिश के बाद जमा पानी और नमी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने डेंगू के लक्षणों, बचाव के तरीकों और रिकवरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डेंगू के शुरुआती लक्षण और पहचान
- डेंगू के लक्षण आमतौर पर 4 से 10 दिनों में प्रकट होते हैं।
- तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मसल्स और जोड़ दर्द हो सकते हैं।
- मतली, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।
- कई मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने से कमजोरी और चक्कर आ सकते हैं।
- डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि ब्लड रिपोर्ट के अनुसार सही इलाज हो सके।
कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?
डॉ. एम. के सिंह के अनुसार, डेंगू में बुखार कम होने के बाद भी स्थिति गंभीर हो सकती है। यदि मरीज को लगातार पेट दर्द, बार-बार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, बेचैनी, तेज सांस लेना या चिपचिपी त्वचा जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डेंगू से बचाव के जरूरी उपाय
डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे प्रभावी तरीका है। इसके लिए निम्न सावधानियां बरतें:
- घर या आसपास छत, गमलों, कूलर जैसी जगहों पर जमा पानी तुरंत निकालें।
- पानी के टैंक या कंटेनर को ढककर रखें और नियमित सफाई करें।
- पार्क या बाहर जाते समय फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर के काटने से बचा जा सके।
- मच्छर दानी या रिपेलेंट क्रीम का प्रयोग करें।
डेंगू से रिकवरी के लिए सुझाव
डॉ. सिंह के मुताबिक, डेंगू से ठीक होने के लिए आराम और सही पोषण जरूरी है। खासकर शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखना आवश्यक होता है।
- उबला हुआ पानी, ओआरएस, नारियल पानी और सूप जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
- शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का पूर्ण आराम करें।
- पोषण के लिए हल्की और पचने में आसान चीजें जैसे खिचड़ी, दालें, हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त आहार लें।
इस प्रकार, मानसून के बाद भी डेंगू से सावधानी बरतना और समय पर इलाज करवाना जरूरी है ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
लेखिका की जानकारी
यह जानकारी टीवी9 डिजिटल हिंदी की सब एडिटर शशि सिंह ने प्रदान की है। शशि उत्तर प्रदेश के बरेली से हैं और उन्होंने बरेली कॉलेज से आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अमर उजाला के इंस्टीट्यूट 'द आरोहन मीडिया स्कूल' से डिजिटल मीडिया में पीजी डिप्लोमा किया है। पत्रकारिता में तीन वर्षों से अधिक अनुभव वाली शशि स्वास्थ्य, रिलेशनशिप, फूड और मनोरंजन विषयों पर लेखन करती हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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