सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए नई स्टडी स्कीम जारी की है, जिसमें कक्षा 10वीं से ‘एनवायरमेंटल एजुकेशन’ विषय हटा दिया गया है। यह बदलाव 2026-27 में कक्षा 9वीं में आने वाले छात्रों और 2027-28 में कक्षा 10वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होगा।
नए सर्कुलर में क्या बदलाव हुए हैं?
सीबीएसई ने कक्षा 9वीं के लिए विषयों और कक्षा 10वीं के मूल्यांकन में बदलाव किए हैं। इसके तहत अब कक्षा 9वीं में ‘इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी’ विषय और CT (क्रिटिकल थिंकिंग) तथा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के मॉड्यूल शामिल नहीं होंगे। कक्षा 10वीं में ‘एनवायरमेंटल एजुकेशन’ विषय को पूरी तरह हटा दिया गया है।
इसके अलावा, वोकेशनल एजुकेशन अब कक्षा 9वीं में अनिवार्य होगा। छात्रों को ‘कौशल विकास’ या सीबीएसई द्वारा अधिसूचित 22 स्किल विषयों में से किसी एक को चुनना होगा। जो छात्र कौशल विकास चुनेंगे, उनका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा, जबकि 22 स्किल विषयों में से कोई एक चुनने वाले छात्र कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उस विषय की परीक्षा देंगे।
22 स्किल विषयों में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रिटेल, हेल्थकेयर, बैंकिंग और इंश्योरेंस, टूरिज्म, एग्रीकल्चर, डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन, और ऑटोमोटिव शामिल हैं।
किस पर लागू नहीं होंगे नए बदलाव?
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 के कक्षा 10वीं के मौजूदा छात्रों पर यह बदलाव लागू नहीं होंगे। इसके अलावा, 2025-26 की स्कीम ऑफ स्टडीज में मौजूद अन्य वैकल्पिक विषय भी आने वाले वर्षों में जारी रहेंगे।
बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे इस सर्कुलर की जानकारी छात्रों और संबंधित पक्षों तक पहुंचाएं, ताकि नए नियमों के बारे में सभी को पता चले।
छात्रों को किन विषयों की पढ़ाई करनी होगी?
नए सर्कुलर के अनुसार, छात्रों को कुल 9 विषय पढ़ने होंगे। इनमें तीन भाषाएं (R1, R2 और R3), मैथेमेटिक्स, साइंस, सोशल साइंस, आर्ट एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन एंड वेल-बीइंग, और वोकेशनल एजुकेशन शामिल हैं।
आर्ट एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन के लिए स्कूल मार्क्स के बजाय ग्रेड दिए जाएंगे। ग्रेड D या उससे ऊपर प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र मिलेगा।
सीबीएसई सर्कुलर का महत्व
यह बदलाव छात्रों के कौशल विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है और बोर्ड परीक्षा में व्यावहारिक और तकनीकी विषयों को बढ़ावा देता है। इससे छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार तैयारी करने का मौका मिलेगा।
शालिनी बाजपेयी, जो टीवी9 भारतवर्ष में सीनियर रिपोर्टर हैं, ने इस खबर को दिल्ली से कवरेज किया है। उनके पास 15 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता अनुभव है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य और दिल्ली सरकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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