मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में सोमवार रात एक पुलिस सहायक अवर निरीक्षक (ASI) ने एक ग्रामीण के घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
क्या हुआ बलिराजगढ़ गांव में?
बलिराजगढ़ गांव में पुलिस पिकेट पर तैनात ASI चंद्रमोहन सिंह अक्सर एक ग्रामीण के घर जाते थे। मंगलवार की देर रात वह फिर उसी घर गए, जहां दो युवतियां सो रही थीं। आरोप है कि उन्होंने गलत नीयत से घर में प्रवेश किया। इसकी भनक लगते ही पड़ोसी महिला ने बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और शोर मचाया।
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और घर को चारों तरफ से घेर लिया। घिरा देख ASI ने अपनी सर्विस पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार ग्रामीण घायल हो गए।
फायरिंग के बाद क्या हुआ?
गोलियों से घायल चारों ग्रामीणों को तुरंत बाबूबरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने एक घायल को मृत घोषित कर दिया, जबकि शेष तीन की स्थिति गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना पर मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार रात से ही बाबूबरही थाना परिसर में कैंप कर रहे हैं। वे और पुलिस अधिकारी मामले की जांच में लगे हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि ASI पिकेट पर तैनात था और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
क्या है ASI के खिलाफ आरोप?
जानकारी के अनुसार, ASI का एक महिला के साथ अवैध संबंध था और वह अक्सर उस महिला के पास जाता था। ग्रामीणों ने कुछ समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। घटना की रात जब ग्रामीणों ने संबंधित घर को घेर लिया, तो ASI ने भीड़ से बचने के लिए तीन-चार राउंड फायरिंग की। इस फायरिंग में चार लोग घायल हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और आगे क्या होगा?
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर ASI चंद्रमोहन सिंह के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और मामले की छानबीन जारी है।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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