वारिस पठान ने किरीट सोमैया के पत्र पर दी प्रतिक्रिया
मुंबई। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर सवाल उठाए गए थे। पठान ने मुसलमानों की आबादी और प्रजनन दर को लेकर की गई बातों को नफरत फैलाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल मुसलमानों को बदनाम करने के लिए दिए जा रहे हैं।
मुस्लिम प्रजनन दर पर वारिस पठान का क्या कहना है?
वारिस पठान ने मुस्लिम समुदाय की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 1992 में यह दर 4.4 थी, जो 2015-16 में घटकर 2.6 और 2019-21 में 2.3 रह गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सरकारी आंकड़े हैं, उनके निजी नहीं। पठान ने सवाल उठाया कि जब तथ्य सामने हैं तो फिर क्यों जनसंख्या को लेकर गलत बातें की जा रही हैं। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन-चार बच्चे पैदा करने वाले बयान का भी जिक्र किया और पूछा कि जब ऐसे बयान आते हैं तो कोई सवाल क्यों नहीं उठाता।
बाबरी मस्जिद विध्वंस और कांग्रेस की भूमिका
बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर सोनिया गांधी की टिप्पणी पर वारिस पठान ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि बाबरी मस्जिद को एक षड्यंत्र के तहत गिराया गया था। उन्होंने 6 दिसंबर 1992 को देश के लिए काला दिन बताया। पठान ने कहा कि मस्जिद जहां थी, वहीं रहेगी और इसे कोई नहीं हटा सकता। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि मस्जिद के पुनर्निर्माण के लिए क्या कदम उठाए गए, क्योंकि केवल प्रस्ताव और संकल्प तक ही सीमित रहा।
मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक स्थिति
वारिस पठान ने मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक जागरूकता बढ़ने की बात कही और कहा कि अब मुसलमान यह समझने लगे हैं कि किनके शासन में वे रहे और क्या हुआ। उन्होंने समाज के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक पिछड़ेपन की रिपोर्टों का जिक्र किया। साथ ही कहा कि केवल चुनाव के समय मुसलमानों को बहलाने की राजनीति ठीक नहीं है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के पूरे घटनाक्रम में भाजपा-आरएसएस के साथ कांग्रेस की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।
अमेरिकी सीनेटर अब्दुल अल-सैयद की जीत पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी सीनेटर के रूप में अब्दुल अल-सैयद के चुने जाने पर वारिस पठान ने खुशी जताई और इसे ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि अब्दुल ने चुनाव जीतकर अपनी जगह बनाई है। पठान ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों के नाम का इस्तेमाल जो नकारात्मक रूप से किया जाता रहा, अब उसी नाम का व्यक्ति अमेरिका में चुनाव जीतकर सीनेट पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अब्दुल गरीबों की आवाज बनेंगे और इंसाफ की बात करेंगे। पठान ने भविष्य में अब्दुल के भारत के प्रधानमंत्री बनने की भी संभावना जताई।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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