Bharat Vistaar
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
एल्विश यादव ने मिस्ट्री गर्ल से जुड़ी अफवाहों पर जताई नाराजगीकरवा चौथ 2026: बलिया, मऊ, गाजीपुर में बारिश से चांद नहीं दिखा, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी शुभकामनाएंडॉ. निशांत खरे को मध्य प्रदेश भाजपा का अतिरिक्त प्रदेश कार्यालय प्रभारी नियुक्तदिवाली 2026 के लिए आसान और आकर्षक रंगोली डिजाइन आइडियाजधनतेरस पर सेंसेक्स 1718 अंक बढ़ा, निफ्टी 25 हजार के पार पहुंचाCSIR UGC NET दिसंबर 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 9 नवंबर तक बढ़ीधनतेरस पर शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 80,000 के पार पहुंचानोएडा में 45 करोड़ की योजना से 34 एमएलडी अतिरिक्त पानी की सप्लाई शुरूझारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का सरकार का आदेश खारिज कियादिवाली पार्टी में ऐश्वर्या राय की रेड साड़ी और अभिषेक बच्चन का क्लासी लुक
विज्ञापन
Leaderboard Banner
Leaderboard Banner

उत्तरकाशी हिमस्खलन में लखनऊ की सगी बहनों की दर्दनाक कहानी

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन में लखनऊ की बहनों वर्तिका और दीपिका वर्मा की मौत हुई।

उत्तरकाशी हिमस्खलन में लखनऊ की सगी बहनों की दर्दनाक कहानी

उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन में लखनऊ की बहनों वर्तिका और दीपिका वर्मा की मौत हुई।

हिमस्खलन में बहनों की अंतिम लड़ाई

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 4 नवंबर को हुए केदारताल ट्रेक के दौरान हिमस्खलन में लखनऊ की वर्तिका वर्मा (30) और दीपिका वर्मा (35) की मौत हो गई। सर्च टीम ने बताया कि दोनों बहनें अंतिम सांस तक एक-दूसरे का सहारा बनी रहीं। बड़े बहन दीपिका पर छोटी वर्तिका ने अपने कपड़े भी पहनाए थे ताकि वह ठंड से बच सकें। तापमान -15 डिग्री तक गिरा था और दोनों को सिर पर गंभीर चोटें भी आई थीं।

शोक में डूबा परिवार

5 नवंबर को सुबह 10:10 बजे दोनों बहनों के शव लखनऊ के गुड़ंबा स्थित गायत्रीपुरम आवास पहुंचे। उनके पिता श्रीनारायण वर्मा भावुक होकर बेटियों के शवों से लिपट गए। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटियों को बहुत प्यार से पाला था और उनकी इस तरह की विदाई किसी के साथ न हो। दोपहर 12:48 बजे शवों को भैंसाकुंड घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।

ट्रेकिंग पर जाने से पहले दीपिका की अनहोनी की आशंका

दीपिका के एक दोस्त ने बताया कि ट्रेकिंग शुरू करने से पहले दीपिका ने वर्तिका से कहा था कि इस बार कुछ ठीक नहीं लग रहा और उन्होंने दिसंबर में जाने का सुझाव दिया था। लेकिन वर्तिका के ऑफिस के साथी के न जाने की वजह से दीपिका ने उसके साथ जाना तय किया। परिवार ने ट्रेकिंग कंपनी 'सोल सीकर' पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही और भारी फीस वसूलने का आरोप लगाया है। कंपनी ने सिर्फ अपने 4 कर्मचारियों को बचाया, जबकि बाकी 12 सदस्य भगवान भरोसे छोड़ दिए गए। परिवार अब कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कराएगा।

11 दिनों की घटना क्रम

  • 26 अक्टूबर: केदारताल ट्रेक की अनुमति मिली।
  • 27 अक्टूबर: लखनऊ से दिल्ली होते हुए गंगोत्री के लिए रवाना हुई टीम।
  • 28 अक्टूबर: खराब मौसम और हिमपात का अलर्ट जारी हुआ।
  • 29-30 अक्टूबर: हिमस्खलन हुआ, टीम बर्फ में फंस गई। मदद मांगी गई।
  • 31 अक्टूबर: ट्रेकिंग कंपनी ने केवल अपने 4 कर्मचारियों को बचाया।
  • 1-4 नवंबर: सेना और SDRF ने खोज अभियान चलाया। शव बरामद हुए।
  • 5 नवंबर: शव लखनऊ पहुंचे और अंतिम संस्कार हुआ।

परिचय: तन्वी गुप्ता

तन्वी गुप्ता, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की निवासी, 12 साल से अधिक समय से मीडिया में हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से MMC की पढ़ाई की है। अब टीवी9 डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। उनके रुचि क्षेत्र क्राइम, इतिहास और साइंस एक्सपेरिमेंट्स हैं। वे नेशनल लेवल की खिलाड़ी भी हैं।

मुख्य तथ्य

  • उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन में लखनऊ की दो बहनों की मौत।
  • वर्तिका ने दीपिका को ठंड से बचाने के लिए अपने कपड़े भी पहना दिए।
  • परिवार ने ट्रेकिंग कंपनी पर सुरक्षा का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई।
  • 11 दिन चले सर्च अभियान के बाद शव लखनऊ पहुंचाए गए और अंतिम संस्कार हुआ।

स्रोत: tv9hindi.com

यह खबर शेयर करें
स
संपादकीय टीम · Bharat Vistaar

Bharat Vistaar की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।