छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सेमरा-सी गांव में इस बार दिवाली 3 नवंबर को मनाई गई, जबकि पूरा देश धनतेरस 7 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को मना रहा है। इस गांव में दिवाली समेत अन्य प्रमुख त्योहार भी हमेशा तय तारीख से सात दिन पहले मनाए जाते हैं।
सेमरा-सी गांव में त्योहार पहले मनाने का कारण
सेमरा-सी गांव पुरानी धार्मिक मान्यता के चलते त्योहार जल्दी मनाता है। सदियों पहले यह गांव घने जंगलों से घिरा था और जंगली जानवरों का खतरा था। उस समय 'सिरदार' नाम के एक व्यक्ति ने गांव वालों की रक्षा करते हुए अपना बलिदान दिया।
कहा जाता है कि बाद में गांव के पुजारी को सपने में सिरदार देव ने दर्शन दिए और आदेश दिया कि गांव की खुशहाली के लिए सभी प्रमुख त्योहार एक सप्ताह पहले मनाए जाएं। तब से यह परंपरा चल रही है।
सेमरा-सी की दिवाली का क्षेत्रीय महत्व
सेमरा-सी की दिवाली न केवल गांव के लिए बल्कि आस-पास के 15-20 गांवों के लिए भी एक बड़ा उत्सव बन गई है। राजनांदगांव सहित दूर-दराज के लोग त्योहार के दिन यहां दीपावली मनाने आते हैं। कभी-कभी मेहमानों की संख्या गांव की आबादी से भी ज्यादा हो जाती है, जिससे यहां त्योहार का माहौल विशेष हो जाता है।
त्योहारों का समय और परंपराएं
सेमरा-सी में दिवाली के अलावा होली, हरेली और पोला जैसे अन्य प्रमुख त्योहार भी सात दिन पहले ही मनाए जाते हैं। इस परंपरा को गांव की सुरक्षा और खुशहाली से जोड़ा जाता है। 3 नवंबर को दीप जलाने के बाद लक्ष्मी गणेश पूजा और आतिशबाजी की जाती है, जो गांव वालों के लिए हर्षोल्लास का कारण है।
जानकारी देने वाले पत्रकार का परिचय
वरुण कुमार पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने 2021 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। प्रभासाक्षी न्यूज और एबीपी न्यूज के बाद वह अब TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ काम कर रहे हैं।
स्रोत: tv9hindi.com





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