टोरंटो में कनाडियन विमेंस ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल से पहले भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह चोट के कारण प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गई हैं। यह जानकारी पीएसए (प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन) टूर की वेबसाइट पर दी गई।
मुख्य तथ्य
- अनाहत सिंह ने इंग्लैंड की सारन न्घिएम को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
- उनका मुकाबला मिस्र की वर्ल्ड नंबर-7 फेरोज अबोलखैर से होना था।
- चोट के कारण अनाहत ने नाम वापस लिया, अबोलखैर वॉकओवर से सेमीफाइनल में पहुंचीं।
- अनाहत ने हाल ही में एशियन गेम्स में स्क्वैश सिंगल्स का सिल्वर मेडल जीता।
- इस साल की शुरुआत में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में अनाहत ने गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीता।
कनाडियन ओपन में अनाहत का प्रदर्शन
अनाहत सिंह, जो वर्तमान में वर्ल्ड नंबर 15 हैं, कनाडियन विमेंस ओपन में शानदार प्रदर्शन कर रही थीं। उन्होंने इंग्लैंड की सारन न्घिएम को चार गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनका सामना मिस्र की वर्ल्ड नंबर-7 खिलाड़ी और टॉप सीड फेरोज अबोलखैर से होना था।
लेकिन चोट के कारण अनाहत ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। इसके चलते अबोलखैर को बिना मुकाबले वॉकओवर से सेमीफाइनल में जगह मिल गई।
अनाहत के हाल के प्रदर्शन और उपलब्धियां
पिछले सप्ताह अनाहत ने अमेरिका के रेडवुड सिटी में हुए सिलिकॉन वैली ओपन स्क्वैश के क्वार्टर फाइनल में मिस्र की आठ बार की वर्ल्ड चैंपियन नूर अल-शेरबिनी को सीधे गेम में हराकर सभी को चौंका दिया था। यह उनकी करियर की सबसे बड़ी जीत मानी गई।
अनाहत के लगातार शानदार प्रदर्शन ने महिला टूर पर उभरते खिलाड़ियों के बीच उनकी स्थिति को मजबूत किया है। अमेरिका और कनाडा के टूर्नामेंट्स में सफलता से उन्हें अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का महत्वपूर्ण अनुभव मिला है।
एशियन गेम्स में अनाहत की ऐतिहासिक उपलब्धि
पिछले महीने हांगझोऊ में हुए एशियन गेम्स 2023 में अनाहत ने इतिहास रचते हुए स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया। महिला सिंगल्स के फाइनल में उनका मुकाबला मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम से हुआ, जहां उन्हें 3-0 (11-4, 11-4, 11-7) से हार का सामना करना पड़ा और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
इसके अलावा, अनाहत ने महिला टीम और मिक्स्ड डबल्स इवेंट में दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते। इस तरह से उन्होंने एशियन गेम्स में कुल तीन पदक अपने नाम किए।
वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में सफलता
इस साल की शुरुआत में, अनाहत ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीता। वह यह करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने मिस्र के 15 साल के दबदबे को भी खत्म किया, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी गई।
स्रोत: deshbandhu.co.in





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