धनतेरस हिंदू धर्म में धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन, धातु की वस्तुएं और घर के उपयोग का सामान खरीदते हैं। इसके साथ ही साबुत नमक या सेंधा नमक खरीदने की भी एक प्राचीन धार्मिक मान्यता है, जिसे कई परिवार शुभ मानते हैं। नमक को समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है और इसे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय के रूप में भी देखा जाता है।
मां लक्ष्मी और नमक का संबंध
पौराणिक कथाओं में समुद्र मंथन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी सहित कई दिव्य रत्न और वस्तुएं प्रकट हुई थीं। समुद्र से प्राप्त वस्तुओं को शुभ माना जाता है और इसी वजह से नमक, जो समुद्र से आता है, को माता लक्ष्मी से जोड़ा जाता है।
साबुत नमक से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है?
वास्तु शास्त्र और लोकमान्यताओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने वाला माना जाता है। कई लोग घर की सफाई में नमक का उपयोग करते हैं या इसे घर में रखने की परंपरा निभाते हैं ताकि वातावरण में सकारात्मकता बनी रहे और सुख-शांति बनी रहे। ज्योतिषीय दृष्टि से भी नमक को राहु-केतु से जुड़ी दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है।
धनतेरस पर कौन सा नमक खरीदना चाहिए?
धनतेरस पर साबुत नमक खरीदने की परंपरा में डली वाला नमक या सेंधा नमक शामिल है। इसे पूजा और शुभ खरीदारी के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।
धनतेरस 2026 कब मनाया जाएगा?
2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह पर्व दीपावली से पहले आता है और धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा होती है। लोग नई वस्तुएं खरीदकर घर में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है।





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