दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की "वोट बचाओ, देश बचाओ" महारैली आयोजित की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने इस रैली के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ कई सुरक्षा और आयोजन संबंधी शर्तें भी लगाई गई हैं।
रैली की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था
कांग्रेस का दावा है कि इस महारैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए रामलीला मैदान को 14 जोन में बांट दिया है। सुरक्षा के लिए लगभग 3,500 जवान तैनात रहेंगे और 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की जाएगी। पुलिस ने हाई-डेफिनिशन कैमरों के साथ नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा।
रैली का समय और व्यवस्थाएं
रामलीला मैदान 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बुक किया गया था, जिसमें रैली 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। आयोजकों को पीने के पानी, महिलाओं के लिए अलग शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। रैली शाम 5 बजे तक समाप्त करनी होगी और उसके बाद वहां से लोगों को व्यवस्थित रूप से रवाना करने की व्यवस्था करनी होगी।
रैली से जुड़ी शर्तें
दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए निम्नलिखित शर्तें लगाई हैं:
- सभाओं और रैलियों से जुड़े सभी कानूनों और नियमों का पूर्ण पालन किया जाएगा।
- भीड़ को नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि कोई हिंसा या शांति भंग न हो।
- रैली 1 नवंबर को शाम 5 बजे तक पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
- रैली से पहले या बाद में किसी भी प्रतिभागी को रामलीला मैदान में रात भर रुकने की अनुमति नहीं होगी।
- रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी और किसी भी तरह के उपद्रव या उग्र व्यवहार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
- शर्तों या नियमों का उल्लंघन होने पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- रामलीला मैदान के अलावा किसी अन्य स्थान पर मार्च या जुलूस नहीं निकाले जाएंगे।





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