केंद्र सरकार ने देश में कफ सिरप की बिक्री के लिए अब डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य कर दी है।
कफ सिरप पर नई पर्ची नियम की घोषणा
केंद्र सरकार ने कफ सिरप की मनमानी बिक्री को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब देशभर में दवा दुकानों पर कफ सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगा। यह कदम बच्चों की मौत और दुष्प्रभावों को देखते हुए उठाया गया है। मेडिकली दुकानदारों को हर पर्ची का रिकॉर्ड रखना होगा और कड़ी गुणवत्ता जांच नियमों का पालन करना होगा।
औषध परामर्श समिति ने हटाया कफ सिरप को छूट
सरकार की शीर्ष नियामक औषध परामर्श समिति ने कफ सिरप को उस शेड्यूल से हटाने की मंजूरी दी है, जो इसे लाइसेंसिंग और निगरानी नियमों से छूट देता था। इसका मतलब अब कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की सलाह और पर्ची अनिवार्य हो गई है।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कफ सिरप का गलत उपयोग और दुष्प्रभाव रोकने के लिए यह जरूरी है। कई माता-पिता बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को कफ सिरप देते हैं, जो खतरनाक है। साथ ही, कफ सिरप का नशे के लिए गलत इस्तेमाल भी सामने आया है।
विदेशों में हुई मौतों के बाद कड़े कदम
समिति के एक सदस्य ने कहा कि यह निर्णय तीन वर्षों में भारत से निर्यात किए गए कई कफ सिरपों में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और ईथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले रसायन पाए जाने के बाद लिया गया। इन जहरीले पदार्थों के कारण गाम्बिया, उज्बेकिस्तान और कैमरून में कई बच्चों की मौतें हुईं। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना अब आवश्यक कर दिया गया है।
निर्णय से क्या बदलाव आएगा?
इस नए नियम के बाद कफ सिरप की बिक्री पर कड़ी निगरानी होगी और बिना डॉक्टर की पर्ची के इसे खरीदना संभव नहीं रहेगा। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अवैध व्यापार और नशे के लिए कफ सिरप के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने कफ सिरप के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य की है।
- औषध परामर्श समिति ने कफ सिरप को विशेष छूट से हटाया है।
- तीन वर्षों में जहरीले रसायनों के कारण विदेशों में बच्चों की मौतें हुईं।
- मेडिकल दुकानदारों को पर्ची का रिकॉर्ड रखना होगा।
स्रोत: jansandeshtimes.in





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