अयोध्या में 30 लाख दीयों से दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल हुए।
मुख्य तथ्य
- दीपावली के अवसर पर अयोध्या में त्रेता युग की परिकल्पना को साकार किया गया।
- 30 लाख दीपक जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास हुआ।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम-सीता की आरती में भाग लिया।
- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
- 2100 ड्रोन के माध्यम से प्रभु राम की जीवन लीला का प्रोजेक्शन किया गया।
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन और कार्यक्रम
अयोध्या में आज दीपावली के खास मौके पर 10वें दीपोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल हुए। इस आयोजन के तहत त्रेता युग की परिकल्पना को जीवंत करते हुए 30 लाख दीपक जलाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। अयोध्या के सड़कों, चौक-चौराहों और घरों को सतरंगी लाइटों से सजाया गया, जिससे रामनगरी दुल्हन की तरह जगमगाती नजर आई।
शोभायात्रा की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से हुई, जहां से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने झांकी को हरी झंडी दिखाई। लगभग 3 किलोमीटर की यात्रा राम कथा पार्क तक चली, जिसमें लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इस बार दीपोत्सव में तीन देशों – दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और लाओस – की रामलीला टीमें भी मंचन के लिए आईं, साथ ही सात राज्यों की रामलीला का भी प्रदर्शन हुआ।
मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम
अयोध्या एयरपोर्ट पर दोपहर 2:30 बजे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहुंचे। इसके बाद दोनों प्रमुख राम मंदिर में दर्शन करने गए। भगवान राम और माता सीता के स्वरूप हेलीकाप्टर से राम कथा पार्क पहुंचे, जहां भरत मिलाप का कार्यक्रम हुआ। राम कथा पार्क में पूजा वंदन, आरती और श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोपहर 4:25 से 4:40 बजे बीच भाषण दिया। शाम को नया घाट पर मां सरयू की महाआरती हुई, जिसके बाद राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। 3D प्रोजेक्शन मिलिंग, रामायण पर आधारित लेजर शो और 2100 ड्रोन शो ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाई। शाम 7:40 से 7:50 बजे तक आतिशबाजी के साथ समारोह का समापन हुआ।
सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक तैयारी
जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या को 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित किया गया है। पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), प्रांतिय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC), बम स्क्वॉड और अग्निशमन विभाग की टीमें तैनात हैं ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
दीपोत्सव क्यों महत्वपूर्ण है?
अयोध्या में रामनगरी के रूप में त्रेता युग का प्रतीकात्मक पुनरुद्धार दीपोत्सव के माध्यम से होता है। यह आयोजन धार्मिक महत्त्व के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत रूप से शामिल होने और उपराष्ट्रपति के मुख्य अतिथि बनने से इसकी गरिमा और बढ़ गई है। 30 लाख दीपकों की रोशनी से जगमगाती अयोध्या ने विश्व को एक नया उत्सव स्वरूप दिखाया है।
स्रोत: hindi.news18.com





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