केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 का आयोजन 12 और 13 दिसंबर को होगा। परीक्षा में अब लगभग डेढ़ महीने का समय बचा है, इसलिए अभ्यर्थियों के लिए अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना आवश्यक है। इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल विषयों की जानकारी ही नहीं, बल्कि बाल विकास, शिक्षण विधि और बच्चों की सीखने की क्षमता को समझना भी जरूरी है।
मुख्य तथ्य
- CTET 2026 परीक्षा 12-13 दिसंबर को होगी।
- पेपर-1 कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले अभ्यर्थियों के लिए है।
- पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले अभ्यर्थियों के लिए है।
- प्रत्येक पेपर में 150 प्रश्न होते हैं, समय 2.5 घंटे।
- बाल विकास और शिक्षाशास्त्र पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
CTET परीक्षा पैटर्न और समय प्रबंधन
CTET में दो पेपर होते हैं। पेपर-1 उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि पेपर-2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए है। अगर कोई दोनों स्तरों पर शिक्षक बनना चाहता है तो उसे दोनों पेपर देना होंगे। प्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, जिनके लिए कुल 150 अंक होते हैं। परीक्षा को पूरा करने के लिए 2.5 घंटे का समय दिया जाता है। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से समय प्रबंधन की प्रैक्टिस करनी चाहिए ताकि परीक्षा के दौरान समय की कमी न हो।
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र की तैयारी
CTET की सफलता में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy) की भूमिका अहम होती है। इस विषय में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास, सीखने की प्रक्रिया, व्यक्तिगत अंतरों और समावेशी शिक्षा से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। अभ्यर्थियों को इन विषयों को गहराई से समझना चाहिए ताकि वे बच्चों की सीखने की क्षमता और जरूरतों को बेहतर तरीके से पहचान सकें।
विषयों को जीवन से जोड़ना क्यों जरूरी है?
मैथ्स, एनवायरमेंटल स्टडी, साइंस और सोशल साइंस की तैयारी करते समय केवल तथ्यों और सूत्रों को याद करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि इन विषयों को बच्चों को किस तरह पढ़ाया जा सकता है।
- मैथ्स में सवाल हल करने के साथ-साथ बुनियादी अवधारणाओं को समझने पर जोर देना चाहिए।
- एनवायरमेंटल स्टडी में परिवार, भोजन, पानी, आवास और परिवहन जैसे विषयों को रोजमर्रा की जिंदगी के उदाहरणों से जोड़ना उपयोगी होता है।
- पेपर-2 के उम्मीदवारों को साइंस में प्राकृतिक घटनाओं, पदार्थों और जीव-जगत की जानकारी मजबूत करनी चाहिए।
- सोशल साइंस में इतिहास और भूगोल की बुनियादी अवधारणाओं को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
लेखिका के बारे में
दिल्ली में जन्मी सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वे पत्रकारिता में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं। सपना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की डिग्री प्राप्त की और फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से टीवी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया। इसके अलावा उन्होंने इतिहास और मास कम्युनिकेशन में भी मास्टर्स किया है। अपने करियर की शुरुआत ट्रेनी के रूप में TV9 भारतवर्ष डिजिटल से की और बाद में असिस्टेंट प्रोड्यूसर बनीं। वे एजुकेशन डेस्क पर काम कर रही हैं और छात्रों को करियर, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं। सपना को ट्रैवलिंग, पढ़ना-लिखना और प्रकृति के करीब रहना पसंद है।
स्रोत: tv9hindi.com





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