अयोध्या में 30 लाख से अधिक दीपों के साथ विश्व रिकॉर्ड दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में तकनीक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की उपस्थिति ने इसे खास बनाया।
दीपोत्सव में तकनीक का अनोखा प्रयोग
नए घाट और सरयू नदी के तट पर 2100 वेदपाठी पुजारियों ने एक साथ 'सरयू महाआरती' उतारी। आकाश में 2100 से ज्यादा ड्रोन द्वारा हवाई शो और लेजर मैपिंग के जरिए रामायण के प्रसंगों और प्रभु श्रीराम के जीवन का जीवंत चित्रण किया गया। पहली बार 300 फीट लंबी और 50 फीट ऊंची स्क्रीन पर लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग का इस्तेमाल कर रामकथा दिखाई गई। कलाकारों के लिए 10, 20 और 30 फीट ऊंचे तीन विशेष मंच बनाए गए, जिन पर 12 अलग-अलग स्थानों पर देश-विदेश के 2,500 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
अंतरराष्ट्रीय मेहमान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- आयोजन में 30 से अधिक देशों के राजदूतों, 12 देशों के विशेष मेहमानों और प्रवासी भारतीयों समेत लगभग 100 विदेशी प्रतिनिधियों को बुलाया गया।
- रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, लाओस, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और नेपाल के 90 से ज्यादा विदेशी कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक शैलियों में रामलीला का प्रदर्शन किया।
- साकेत महाविद्यालय से 21 भव्य झांकियों की शोभायात्रा निकाली गई, जिसका उद्घाटन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि थे। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रभु श्रीराम के सांकेतिक राज्याभिषेक समारोह में भाग लिया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे।
सुरक्षा और स्वयंसेवकों की भूमिका
इस विश्व रिकॉर्ड को सफल बनाने के लिए 35,000 से अधिक स्वयंसेवक घाटों पर तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और राम की पैड़ी पर केवल पास धारकों को ही प्रवेश दिया गया।
दीपोत्सव का लगातार बढ़ता इतिहास
दीपोत्सव की बढ़ती संख्या इस प्रकार रही है:
| साल | दीपों की संख्या (लाखों में) |
|---|---|
| 2017 | 1.71 |
| 2018 | 3.01 |
| 2019 | 4.04 |
| 2020 | 6.06 |
| 2021 | 9.41 |
| 2022 | 15.76 |
| 2023 | 22.23 |
| 2024 | 25.00 |
| 2025 | 26.17 |
| 2026 | 30+ (विश्व रिकॉर्ड) |
क्या इस बार दीपोत्सव ने नया विश्व रिकॉर्ड बनाया?
हाँ, इस वर्ष अयोध्या में 30 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। यह पिछले सालों की तुलना में सबसे अधिक दीपों की संख्या है।
यह आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दीपोत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है। इसने सांस्कृतिक एकता और तकनीकी नवाचार का भी प्रदर्शन किया। उपराष्ट्रपति और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति से इसकी गरिमा बढ़ी है।
स्रोत: hindi.webdunia.com





टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।