बिहार सरकार 1 दिसंबर से आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकरदाताओं को बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए अभियान शुरू करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में दीपावली के अवसर पर गरीब और वंचित परिवारों के बीच यह घोषणा की।
बिजली सब्सिडी छोड़ने का विशेष अभियान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी पर खर्च करती है। उन्होंने कहा कि संपन्न परिवार यदि स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ दें, तो सरकार इन संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में कर सकेगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील के समान है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार को सालाना लगभग 10 हजार रुपये की बिजली सब्सिडी मिलती है। जो लोग इस सुविधा का त्याग करेंगे, उन्हें उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह पटना में आयोजित युवा संसद के दौरान भी इस अपील को दोहराया था।
दीपावली पर वंचित समुदायों के साथ संवाद
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने झुग्गी-बस्तियों में रह रहे गरीब और वंचित परिवारों के बीच मिठाइयां बांटीं और त्योहार की खुशियां साझा कीं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से आदिवासी, दलित और अत्यंत पिछड़े समुदायों के साथ दीपावली मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इन समुदायों के सुख-दुख में शामिल होकर उनके जीवन का हिस्सा बनना चाहिए और त्योहार सभी को मिलकर मनाना चाहिए ताकि कोई व्यक्ति वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे और सीमांत सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री 21 नवंबर को बिहार दौरे पर आएंगे। इस दौरान कई विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा होने की उम्मीद है।
यह कदम बिहार सरकार की विकास योजनाओं को मजबूत करने और सामाजिक समरसता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
स्रोत: indiatv.in





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