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समस्तीपुर की नाबालिग युवती को बंगाल के रेडलाइट एरिया से तीन साल बाद छुड़ाया गया

समस्तीपुर की 13 वर्षीय छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर बंगाल के रेडलाइट एरिया में तीन साल तक रखा गया, फिर 2 नवंबर को परिवार के पास लौटी।

समस्तीपुर की नाबालिग युवती को बंगाल के रेडलाइट एरिया से तीन साल बाद छुड़ाया गया

समस्तीपुर की 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा को प्रेम के जाल में फंसाकर पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर के रेडलाइट एरिया में बेच दिया गया था, तीन साल बाद वह अपने परिवार के पास लौट आई।

समस्तीपुर से प्रेम जाल में फंसाई गई छात्रा

समस्तीपुर जिले के उजियारपुर की नौवीं कक्षा की 13 साल की छात्रा 27 मई 2023 को अचानक लापता हो गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के ही गोलू कुमार ने शादी का झांसा देकर उसे बाइक से पटना जंक्शन ले जाकर अगवा किया। वहां एक साथी के साथ मिलकर उन्होंने छात्रा को एक महिला के हवाले कर दिया, जिसे उन्होंने अपना रिश्तेदार बताया।

पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में बंधक बनाकर रखा गया

महिला ने छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। जब वह होश में आई, तो वह पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित रेडलाइट एरिया के एक बंद कमरे में थी। उसने बताया कि उसे वहां जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया। विरोध करने पर पीड़िता को मारपीट और भूखा रखा जाता था। एक बार पुलिस की छापेमारी की सूचना मिलते ही आठ नाबालिग लड़कियों को खिड़की के रास्ते दूसरे फ्लैट में छिपा दिया गया था, जिससे अन्य लड़कियों के फंसे होने की आशंका भी जताई गई है।

फल दुकानदार ने तीन महीने पहले मदद की

करीब तीन महीने पहले किशनगंज के एक फल दुकानदार को बच्ची से मुलाकात हुई। उसने अपनी पूरी कहानी रोते हुए सुनाई। दुकानदार ने बच्ची को वहां से निकालने का फैसला किया। 30 अक्टूबर को उसने संचालिका को पैसे देकर बच्ची को बाजार में खरीदारी के बहाने बाहर निकाला। इसके बाद कई वाहनों से बच्ची को किशनगंज पहुंचाया गया। वहां से दुकानदार ने उसे ट्रेन में बैठाकर घर लौटने में मदद की।

2 नवंबर को घर वापसी, पुलिस जांच जारी

2 नवंबर को पीड़िता पटना होते हुए दलसिंहसराय स्थित अपने घर पहुँची। तीन साल से बेटी की तलाश कर रहे परिवार के लिए यह भावुक पल था। घर लौटने के बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और न्यायालय में बयान दर्ज कराया। इस बीच परिजनों ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव से भी मदद मांगी थी। उनके हस्तक्षेप पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में छापेमारी की, लेकिन उस समय बच्ची का पता नहीं चल पाया था।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

ग्रामीण एसपी मुकुल रंजन ने बताया कि शुरू में मामला प्रेम प्रसंग और अपहरण से जुड़ा था। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अब जमानत पर हैं। पीड़िता के घर लौटने के बाद मामले का मानव तस्करी का पहलू सामने आया है। पुलिस अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।

स्रोत: tv9hindi.com

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