मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बाघों की मौत को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कैनाइन डिस्टेंपर वायरस का मुद्दा उठा।
दलील में कहा गया कि इस वायरस के असर से बाघ अपनी सहज प्रवृत्ति भूलकर गाय जैसा व्यवहार करने लगता है। मामले में अदालत का आगे का रुख बाघों के संरक्षण की व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।





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